ज़िंदगीऔरमैं बातनहींकरते कुछ बात दरमियां हैअब हमारे-तुम्हारेक्यों एक दूसरे सेअब हम बात नहीं करते… बातों के जवाब बातेंबस बात बढ़ गईफिर बात कम हुईअब हम बात नहीं करते… वो बात क्या हुई जोबात इतनी बन गईफिर बात ऐसी बिगड़ीअब हम बात नहीं करते… यूँ बातों-बातों मेंकोई बात थी मगरलो बात ही बेबातअब हम बात नहीं […]

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विचारों की गरिमा

आज फिर #विचारों केकुछ पृष्ठ पलटे हैंहर परत में अनकहेएहसास सिमटे हैं…. इन परतों में है प्रेम-रतिकहीं विरक्ति की बात हैइसी बोध को पाकर केतो चाँद भी प्रख्यात है…. शुभ्र ज्योत्सना की आभा मेंवहाँ अमृता निष्णात हैयहाँ विचारों की तरलता मेंमेरी व्याकुलता आघात है…. हर परत में एक कथ्य हैकथ्यों की अपनी व्याख्या हैपर सोच […]

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विचारों की गरिमा

आजकल इश्किया मिजाज़ लोगों के बीच एक ट्रेंड-सा चल पड़ा है जिसके कारण आयु आधारित संबोधनों पर तो विराम चिह्न लग ही गया है साथ ही हर उम्र का व्यक्ति चाहे महिला हो या पुरुष उन्हें #इश्ककेलिए_उपलब्ध नज़र आने लगा है।खास तौर पर ऐसे लोगों का ध्यान लड़कियों से हटकर परिपक्व महिलाओं पर टिक गया […]

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विचारों की गरिमा

हृदय की कोमल भावनाओं के साथ  जब मन का विश्वास जुड़ जाता है तो कल्पना का स्तर ऊँचा होता जाता है!लेकिन कल्पना कितनी भी दृढ़ क्यों न हो, सत्य का प्रतिबिंब मात्र होती हैं!सत्य कभी नहीं•••✍️#काव्याक्षरा

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इतना कर लीजिए •••

नाराज़ क्यों होना किसी सेनज़र में रखना छोड़ दीजिएकाम से काम रखिए बसउन्हें मनाना छोड़ दीजिए… माफ़ कर दीजिए दिल से परअपना मानना छोड़ दीजिएबेचैन करे खामोशी तो भीआवाज देना छोड़ दीजिए… परवाह कर लीजिए चाहेपर बताना छोड़ दीजिएकैसे भी बसर करे कोईहक जताना छोड़ दीजिए… ✍️ काव्याक्षरा

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हृदयरोग

उम्र के मुकाम परहृदय की शिराओं काब्लॉक हो जाना चाहे मुनासिब होगा ••• मगर वही सिस्टम तेरी यादों पर आज़माएँ तो अटैक आ जाना क्या वाज़िब होगा ••• ज़खीरा यादों का जमा होकर शिराओं मेंहृदय के वॉल्व से भी क्या मुख़ातिब होगा ••• इस रोग के चलतेमरम्मत हो गई दिल की तब भी क्या धमनियोंमें […]

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