#धूल

यूँ ज़िंदगी को हमने
दिल की नज़र से देखा
पर दिल के आईने पर
जमी धूल को ना देखा….!

वही रोज़ के थे मसले
कुछ कहे-अनकहे से
जब सोच के भंवर में
जद्दोजहद को देखा…..!

पौंछी जो गर्द दिल की
दिल हल्का हो गया था
हर तह में हमने दिल का
अरमां सिमटते देखा…. !

सूरत जो नजर आई
कुछ खास तो नहीं थी
पर आईने में आज फिर
चेहरा चमकता देखा….!

गुज़रते हुए लम्हे
उस पल को थम गए थे
हमने पलट कर जिस पल
फिर जिंदगी को देखा…. !

बेढंग इबारत थी
पन्नों पर ज़िंदगी के
हर रंग नज़र आया
जो पन्ना पलट कर देखा…..!

जिन्हें शिकवे जिंदगी से
बदला उन्होंने सब कुछ
न किसी ने भी अपना
नज़रिया बदल कर देखा…..!

सब थाम के जिगर यूँ
ज़िंदगी को जी रहे हैं
रिश्ते और दोस्त बदले
न खुद को बदल के देखा……!

परछाइयों से अपनी
जो छिपते फिर रहे हैं
कभी अंधेरों के पीछे
न उजालों को देखा…..!

हर कदम जिंदगी पर
माकूल रास्ते हैं
हमने न ज़िंदगी को
कभी हद से गुजरते देखा……!

एक चाहत की वजह से
फक़त ,ज़िंदगी है रोशन
जब ज़िंदगी को हमने
दिल की नज़र से देखा……!

#काव्याक्षरा

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